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💖 "Today's Divine Message" 🌷 "From the Heart of Divya Shakti" ✨ "Aaj ka Prerna Sandesh"

गरुड़ पुराण – अध्याय 3 यमलोक की यात्रा, कर्मों का न्याय और आत्मा का निर्वस्त्र सत्य

🌸 Om Shree Divine Souls 🌸 Welcome to another heart-touching reflection by Divya Shakti ✨ “When faith meets love, healing begins — and every broken heart finds its light again.” 💫 Today’s Divine Message: भूमिका – अब कोई बहाना शेष नहीं गरुड़ पुराण के पहले दो अध्याय आत्मा को मृत्यु के बाद की स्थिति से परिचित कराते हैं। लेकिन अध्याय 3 वह स्थान है जहाँ आत्मा के सारे बहाने समाप्त हो जाते हैं। यह अध्याय बताता है कि जब आत्मा यमलोक की ओर बढ़ती है, तो वहाँ न रिश्ते काम आते हैं, न धन, न पद, न चालाकी। वहाँ केवल न्याय होता है — निर्मम, निष्पक्ष और पूर्ण। गरुड़ जी का भयभरा प्रश्न गरुड़ जी पूछते हैं — “हे प्रभु! यमलोक में आत्मा के साथ क्या होता है? क्या वहाँ कोई दया नहीं? क्या हर पाप का दंड निश्चित है?” यह प्रश्न हर उस इंसान का है जो भीतर ही भीतर सोचता है — “क्या मेरी गलतियाँ मुझे पकड़ लेंगी?” भगवान विष्णु का उत्तर – कर्म कभी नहीं छोड़ते भगवान विष्णु गंभीर स्वर में कहते हैं — “गरुड़, कर्म कभी किसी को छोड़ते नहीं। जैसे बीज बोया जाता है, वैसा ही फल मिलता है।” यहाँ कोई सिफारिश नहीं चलती। य...

गरुड़ पुराण – अध्याय 1 मृत्यु का सत्य, आत्मा की यात्रा और जीवन का सबसे कठोर आईना

🌸 Om Shree Divine Souls 🌸 Welcome to another heart-touching reflection by Divya Shakti
“When faith meets love, healing begins — and every broken heart finds its light again.”
💫 Today’s Divine Message:


भूमिका – जिस सत्य से हर मनुष्य भागता है
इस संसार में हर इंसान जन्म तो लेता है,
लेकिन एक ही शब्द से डरता है — मृत्यु।
हम घर बनाते हैं,
रिश्ते जोड़ते हैं,
पैसा कमाते हैं,
सपने सजाते हैं —
मानो हम यहीं हमेशा रहने वाले हों।
लेकिन गरुड़ पुराण का पहला अध्याय
हमारे इस भ्रम को चुपचाप तोड़ देता है।
यह पुराण न डर फैलाने के लिए लिखा गया है,
न किसी को दुखी करने के लिए।
यह तो आत्मा को जगाने वाला शास्त्र है।
गरुड़ जी का प्रश्न – हर आत्मा का प्रश्न
गरुड़ जी, जो स्वयं दिव्य हैं,
भगवान विष्णु से पूछते हैं —
“हे प्रभु!
जब मनुष्य इस शरीर को छोड़ देता है,
तब उसके साथ वास्तव में क्या होता है?
क्या मृत्यु सब कुछ समाप्त कर देती है?”
यह प्रश्न केवल गरुड़ का नहीं,
हर उस इंसान का है
जो भीतर ही भीतर डरता है।
भगवान विष्णु का उत्तर – शरीर नश्वर है, आत्मा अमर
भगवान विष्णु कहते हैं —
“गरुड़,
शरीर मिट्टी से बना है,
इसलिए मिट्टी में मिल जाता है।
लेकिन आत्मा न जन्म लेती है,
न मरती है।”
यह सुनकर ही स्पष्ट हो जाता है कि
मृत्यु कोई अंत नहीं,
बल्कि एक परिवर्तन है।
प्राण निकलने का क्षण – सबसे कठिन पल
गरुड़ पुराण अध्याय 1 में
मृत्यु के क्षण का वर्णन अत्यंत करुण है।
जब आत्मा शरीर छोड़ती है —
वह अपने ही शरीर को निष्क्रिय होते देखती है
अपने प्रियजनों को रोते देखती है
अपने अधूरे वचनों को याद करती है
लेकिन तब कुछ भी बदल पाना संभव नहीं होता।
यही वह क्षण है
जहाँ आत्मा सबसे ज़्यादा पीड़ा अनुभव करती है।
कर्म – एकमात्र साथी
गरुड़ पुराण स्पष्ट कहता है —
“मृत्यु के बाद
न पत्नी साथ जाती है,
न पति,
न संतान,
न धन।
केवल कर्म साथ जाते हैं।”
जिसने जीवन भर दूसरों को छल दिया,
वह भय से कांपता है।
और जिसने सेवा, सत्य और करुणा अपनाई —
उसके लिए मृत्यु भी शांति बन जाती है।
यमदूत – दंड नहीं, न्याय के सेवक
अध्याय 1 यह भी स्पष्ट करता है कि
यमदूत किसी को यूँ ही दंड नहीं देते।
वे केवल वही दिखाते हैं
जो आत्मा ने स्वयं अपने कर्मों से रचा होता है।
इसलिए गरुड़ पुराण कहता है —
“मनुष्य स्वयं अपना स्वर्ग
और स्वयं अपना नरक बनाता है।”
जीवित रहते हुए चेतावनी
गरुड़ पुराण का पहला अध्याय
जीवित मनुष्य को झकझोर कर कहता है —
किसी का दिल मत दुखाओ
माता-पिता को कभी कष्ट मत दो
किसी की मजबूरी का लाभ मत उठाओ
अहंकार में अंधे मत बनो
क्योंकि मृत्यु के बाद
हर एक कर्म का लेखा-जोखा होता है।
सबसे पीड़ादायक सत्य – पछतावे की आग
इस अध्याय का सबसे हृदय विदारक संदेश यह है कि
मृत्यु के बाद आत्मा पछतावे में जलती है —
“काश मैंने यह न किया होता…”
“काश मैंने क्षमा माँग ली होती…”
“काश मैंने ईश्वर को याद किया होता…”
लेकिन तब समय समाप्त हो चुका होता है।
क्यों पढ़ना चाहिए गरुड़ पुराण अध्याय 1
यह अध्याय हमें सिखाता है —
कैसे जीना है
कैसे मरना है
और कैसे आत्मा को हल्का बनाना है
जो व्यक्ति जीवन में सच का साथ देता है,
उसे मृत्यु से डर नहीं लगता।
आज के युग के लिए संदेश
आज जब लोग
पैसा, पद और दिखावे में उलझे हैं,
गरुड़ पुराण हमें याद दिलाता है —
“अंत में वही अमीर है
जिसकी आत्मा शुद्ध है।”
आत्मा के नाम अंतिम संदेश
अगर यह अध्याय पढ़कर
तुम्हारी आँखें नम हों,
दिल भारी लगे —
तो समझ लेना
कि आत्मा जाग चुकी है।
गरुड़ पुराण मृत्यु की नहीं,
जीवन की शिक्षा है।


अगर यह लेख आपकी आत्मा को छू गया हो, तो कमेंट में “ॐ नमो नारायण” अवश्य लिखें 🙏

🌿 Affirmation of the Day:
“I am guided, loved, and supported by the Divine in every moment.”
💖 Gratitude Corner:

Thank you, Universe, for another chance to shine light, love, and hope into the world.


© Divya Shakti · Faith · Healing · Growth · Where every soul finds a new beginning 🌺

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