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💖 "Today's Divine Message" 🌷 "From the Heart of Divya Shakti" ✨ "Aaj ka Prerna Sandesh"

भगवान विष्णु के 5 सबसे शक्तिशाली मंत्र | कौन-सा मंत्र किस दिन करें | किस समस्या के लिए कौन-सा मंत्र फलदायी है

🌸 Om Shree Divine Souls 🌸 Welcome to another heart-touching reflection by Divya Shakti ✨ “When faith meets love, healing begins — and every broken heart finds its light again.” 💫 Today’s Divine Message: जब जीवन में अटकाव, डर, धन की कमी, रिश्तों में कड़वाहट या मन की अशांति बढ़ने लगे — तब भगवान विष्णु का स्मरण जीवन को स्थिर, सुरक्षित और संतुलित बना देता है। विष्णु जी पालनकर्ता हैं, इसलिए उनके मंत्र धीरे-धीरे लेकिन स्थायी रूप से जीवन की समस्याओं को शांत करते हैं। इस ब्लॉग में हम जानेंगे भगवान विष्णु के 5 सबसे शक्तिशाली मंत्र, ✔️ उन्हें किस दिन करना चाहिए ✔️ किस समस्या के लिए कौन-सा मंत्र श्रेष्ठ है ✔️ और जाप करने की सही विधि 1. ॐ नमो नारायणाय मंत्र (सर्वसिद्धि और जीवन संतुलन का मंत्र) मंत्र: ॐ नमो नारायणाय॥ कब करें: ➡️ गुरुवार और शुक्रवार ➡️ ब्रह्म मुहूर्त या सुबह स्नान के बाद किस समस्या के लिए: यह मंत्र उन लोगों के लिए अत्यंत प्रभावी है जिनके जीवन में – बार-बार रुकावटें आ रही हों – मन अस्थिर रहता हो – भाग्य साथ नहीं दे रहा हो – जीवन दिशा-विहीन लग रहा हो यह मंत्र जीवन को स्थ...

सफला एकादशी 2025: तिथि, महत्व, व्रत-विधि, पूजन, पारण समय और पूरा आध्यात्मिक मार्गदर्शन

🌸 Om Shree Divine Souls 🌸 Welcome to another heart-touching reflection by Divya Shakti
“When faith meets love, healing begins — and every broken heart finds its light again.”
💫 Today’s Divine Message:


सफला एकादशी 2025: तिथि, महत्व, व्रत-विधि, पूजन, पारण समय और पूरा आध्यात्मिक मार्गदर्शन


(15 दिसम्बर 2025, सोमवार)


सफला एकादशी पौष मास के कृष्ण पक्ष में आती है और इसे वर्ष की सबसे फलदायी एकादशी कहा गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि जो भी भक्त इस दिन व्रत, उपवास, दान और भगवान विष्णु का स्मरण करता है—उसे जीवन में रुके हुए कार्यों में सफलता, धन-समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है।



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📌 एकादशी तिथि व समय (भारत अनुसार)


एकादशी प्रारंभ: 14 दिसम्बर 2025, शाम


एकादशी समाप्त: 15 दिसम्बर 2025, रात्रि


व्रत रखने का मुख्य दिन: 15 दिसम्बर 2025 (सोमवार)


पारण (व्रत खोलना): 16 दिसम्बर 2025, सूर्योदय के बाद द्वादशी के शुभ समय में

(अपने शहर का स्थानीय पंचांग समय अवश्य मिलाएँ)




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🌼 सफला एकादशी का महत्व


यह एकादशी मनोकामना पूर्ण करने वाली मानी गई है।


धन, व्यवसाय, रुके हुए कार्यों में सफलता के लिए अत्यंत शुभ।


घर में बरकत, परिवार में शांति और मानसिक संतुलन प्रदान करती है।


शास्त्रों में कहा गया:

“सफला एकादशी के प्रभाव से 100 यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है।”




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🙏 व्रत के नियम (Vrat Rules)


✔ एक दिन पहले (दशमी) क्या करें:


हल्का और सात्विक भोजन


अनाज और दालों का त्याग


मन को शांत रखें


क्रोध/निंदा से दूर रहें



✔ एकादशी के दिन (15 दिसम्बर)


निराहार व्रत श्रेष्ठ माना गया है


यदि स्वास्थ्य समस्या हो:

👉 दूध, फल, सूखे मेवे, साबूदाना, मखाना, दूध की चाय


अनाज, दाल, चावल, मांस, प्याज-लहसुन—पूरी तरह वर्जित


पूरे दिन मन शुद्ध रखें, भजन करें




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🕉 सफला एकादशी की पूजा-विधि


सुबह की पूजा


1. जल स्नान कर साफ कपड़े पहनें



2. पूजा स्थल की सफाई + दीपक प्रज्वलित करें



3. भगवान विष्णु, लक्ष्मी और तुलसी माता की पूजा



4. पीले फूल, धूप, अक्षत और फल अर्पित करें



5. निम्न मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें:

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”





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💛 दिनभर क्या करें (Do’s)


गीता पाठ — विशेषकर अध्याय 12 व 18


11 बार “विष्णु सहस्रनाम” पढ़ना शुभ


किसी गरीब को कम्बल/फल/गुड़ का दान


घर में दीपक जलाकर सकारात्मक ऊर्जा बनाएं


परिवार से प्रेमपूर्ण व्यवहार रखें




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❌ दिनभर क्या न करें (Don’ts)


अनाज, दाल, चावल का सेवन


झूठ, गाली, निंदा, विवाद


कटु वाणी


क्रोध और आलस्य


कोई भी नकारात्मक गतिविधि




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🌙 रात की विशेष पूजा


भगवान की कथा पढ़ें — सफला एकादशी व्रत कथा


केसर, चंदन और तुलसी पत्र अर्पित करें


“श्री हरी स्तुति” या “विष्णु सहस्रनाम” मन से सुनें / पढ़ें


दीपक जलाकर ध्यान करें


प्रभु से मनोकामना कहकर प्रार्थना करें




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🍛 पारण विधि (16 दिसम्बर सुबह)


द्वादशी के सूर्योदय के बाद ही व्रत खोलें


पारण में क्या लें:

✔ फल

✔ दूध-चावल/खीर

✔ सादा भोजन


पहले भगवान को नैवेद्य लगाकर ही पारण करें



(ध्यान: पारण देर से करने से व्रत का फल कम हो जाता है)



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🌸 सफला एकादशी के विशेष लाभ


धन लाभ व व्यवसाय में सफलता


रुके हुए कार्य पूरे होते हैं


मानसिक शांति और नकारात्मक ऊर्जा का नाश


परिवार में प्रेम और सद्भाव


घर में लक्ष्मी स्थिर होती है


पापों का क्षय + मोक्ष मार्ग में प्रगति




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🧘 आज के दिन यह मंत्र अवश्य बोलें


“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं लक्ष्मी वासुदेवाय नमः”

(11, 21 या 108 बार)



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✨ आज का आध्यात्मिक संदेश


सफला एकादशी हमें सिखाती है कि

जब मन शांत हो और नीयत शुद्ध हो—हर कार्य में सफलता स्व

तः आपके पीछे चलती है।



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Blog Comment (Engagement Line)


क्या आप इस बार सफला एकादशी का व्रत रख रहे हैं?

कमेंट में लिखें — आपकी मनोकामना क्या है जिस पर आप आज प्रार्थना कर रहे हैं ❤️

🌿 Affirmation of the Day:
“I am guided, loved, and supported by the Divine in every moment.”
💖 Gratitude Corner:

Thank you, Universe, for another chance to shine light, love, and hope into the world.


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